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मुहावरे और लोकोक्तियाँ | Idioms and Proverbs भाग -2

    मुहावरे और लोकोक्तियाँ | Idioms and Proverbs भाग -2 

मुहावरे और लोकोक्तियाँ 

31. कानों-कान खबर न होना (किसी को मालूम न होना) - चोर सामान उठाकर ऐसे भाग गए की किसी को कानों-कान खबर न हुई। 
32. कोल्हू का बैल (दिन-रात मेहनत करने वाला) - मँहगाई के जमाने में परिवार के भरण-पोषण के लिए कोल्हू का बैल बनना पड़ता है। 
33. कुआँ खोदना (हानि पहुँचाना) - जो दूसरों के लिए कुआँ खोदता है, उसमे स्वयं डुब जाता है। 
34. खून का प्यासा (कट्टर दुश्मन) - आतंकवादी निर्दोष लोगों के भी खून के प्यासे बने हुए हैं। 
35. खरी-खोटी सुनाना (भली-बुरी कहना) - साहसी व्यक्ति खरी-खोटी सुनाने में नहीं घबराते। 
36. खून-पसीना एक करना (कठोर परिश्रम करना) - भाखड़ा बाँध वैसे ही नहीं बना ,उसको बनाने में श्रमिकों को खून पसीना एक करना पड़ा है। 
37. गाँठ बाँधना (याद रखना) - परिश्रम सफलता की कुंजी है, यह बात गाँठ बाँध लो।
38. गुड़-गोबर करना (बना-बनाया काम बिगाड़ देना) - तुमने आकर बने-बनाये काम का गुड़-गोबर कर दिया।
39. गुदड़ी का लाल (छिपा हुआ गुनी व्यक्ति) - श्री लाल बहादुर शास्त्री गुदड़ी के लाल थे।
40. घोड़े बेचकर सोना (निश्चिन्त होकर सोना) - परीक्षाओं के बाद विद्यार्थी घोड़े बेचकर सोते हैं।
41. चिकना घड़ा (निर्लज्ज व्यक्ति) - सुरेश चिकना घड़ा है। उस पर किसी की बातों का असर नहीं होता।
42. घी के दिए जलना (ख़ुशी मनाना) - राम के वनवास से वापस आने पर अयोध्यावासियों ने घी के दिए जलाये।
43. छक्के छुड़ाना (बुरी तरह हराना) - भारतीय सैनिकों ने सर्जिकल स्ट्राइक में शत्रुओं के छक्के छुड़ा दिए।
44. छठी का दूध याद दिलाना (घबरा जाना) - इस मँहगाई ने लोगो को छठी का दूध याद करवा रखा है।
45. जान पर खेलना (साहसिक कार्य करना) - भारतीय सैनिक देश की रक्षा के लिए जान पर खेलना अपना कर्तव्य समझते है।
46. जुतियाँ चाटना (खुशामद करना) - वह हर समय अपने अफ़सर की जूतियाँ चाटता रहता है।
47. टेढ़ी खीर होना (कठिन काम होना) - त्योहारों के समय ट्रेन में सफ़र करना टेढ़ी खीर हो गया है।
48. ठन-ठन गोपाल (जेब खाली होना) - पिताजी ने मोहन को जितने रुपये भेजे थे उसने सब खर्च कर दिए, अब वह ठन-ठन गोपाल हो गया है।
49. तलवे चाटना (खुसामद करना) - तलवे चाटने से योग्यता नहीं आती, वह तो परिश्रम से हीआती है।
 50. डाँत खट्टे करना (बुरी तरह हराना) - भारतीय सैनिकों ने शतुओं के दाँत खट्टे कर दिए।
51. नौ-दो ग्यारह होना (भाग जाना) - पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गए।
52. नमक-मिर्च लगाना (बढ़ा-चढ़ाकर कहना) - रामू ने पिता को सारी बातें नमक-मिर्च लगाकर कही।
53. पीठ दिखाना (भाग जाना) - कायर युद्ध में पीठ दिखाते हैं, वीर नहीं।
54. बन्दर घुड़की (बनावटी धमकी) - मैं तुम्हारी इस बन्दर घुड़की से डरने वाला नहीं।
55. बाएँ हाथ का खेल (आसान काम) - कंप्यूटर चलाना तो मेरे बाएँ हाथ का खेल है।
56. मुँह में पानी आना (खाने को मन ललचाना) - ताज़ा जलेबियाँ देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया।
57. माथा ठनकना (शक होना) - उसकी चिकनी-चुपड़ी बातें सुनकर मेरा माथा ठनक गया था की यह अच्छा आदमी नहीं।
58. मुँह की खाना (पराजित होना) - भारत के शत्रु हमेशा मुँह की खाते हैं।
59. मिटटी का माधो (नीरा मुर्ख) - तुम रमेश से यह प्रश्न हल करवा रहे हो ! वह तो मिटटी का माधो है , कभी कर ही नहीं पायेगा।
60. मुट्ठी गरम करना (रिश्वत देना) - जब तक किसी की मुट्ठी गर्म नहीं करोगे तब तक नौकरी नहीं मिलेगी।

      मुहावरे और लोकोक्तियाँ | Idioms and Proverbs भाग -1  

       

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